शिव पूजन
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शिव पूजा का महत्व
शिव पूजा क्यों करें?
भगवान शिव अत्यंत कृपालु और भोले हैं — इन्हें “भोलानाथ” कहते हैं।
शिव पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।
रोग, शोक, भय, दरिद्रता और काल की बाधा से मुक्ति मिलती है।
ग्रह दोष, पितृ दोष, कालसर्प दोष जैसे ज्योतिषीय दोषों का निवारण होता है।
मानसिक शांति, संतुलन, मोक्ष और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खुलता है।
महाशिवरात्रि, सोमवार, श्रावण मास, और प्रदोष व्रत पर पूजा विशेष फलदायक होती है।
शिव पूजा की विधि:-
1. शुद्धिकरण
स्वयं स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
पूजा स्थान को साफ करें और उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करें।
2. शिवलिंग का स्नान (अभिषेक)
शिवलिंग पर निम्न सामग्रियों से अभिषेक करें:
| सामग्री | उद्देश्य |
|---|---|
| जल | शुद्धिकरण |
| दूध | स्वास्थ्य और समृद्धि |
| दही | सौभाग्य और सुख |
| घी | रोग मुक्ति |
| शहद | मधुरता |
| शक्कर | प्रेम और धन |
| गंगाजल | पवित्रता |
- राशी और नक्षत्र आधारित मुहूर्त।
- आपके चयनित स्थान पर।
- आपके समय और सुविधा के अनुसार।
- किसी भी समय पंडित जी उपलब्ध हैं।
- सभी वैदिक मानक एवं प्रक्रियाएँ।
- प्रमाणित एवं अनुभवी पुजारी।
- संकल्प+पूजा+जाप+हवन+दान।
- एक ही छत के नीचे सभी समाधान।
हर अभिषेक के साथ मंत्र का उच्चारण करें: ॐ नमः शिवाय।
3. अर्पण (समर्पण)
बिल्व पत्र (त्रिपत्र), धतूरा, भांग, सफेद फूल, चंदन, भस्म, आदि अर्पित करें।
बिल्वपत्र अर्पित करते समय मंत्र बोलें:
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रयायुधम्।
त्रिजन्मपापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम्॥
4. आरती और प्रार्थना
घंटा, दीप, धूप से आरती करें:
ॐ जय शिव ओंकारा
भगवान से अपनी मनोकामनाएँ निवेदन करें।
शिव पूजा मंत्र:
1. पंचाक्षरी मंत्र
ॐ नमः शिवाय।
2. महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
3. रुद्राष्टक स्तोत्र (तुलसीदास रचित)
नमामीशमीशान निर्वाण रूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपम्…
शिव पूजा सामग्री सूची:
| सामग्री | उपयोग |
|---|---|
| जल/गंगाजल | स्नान व शुद्धिकरण |
| दूध, दही, घी, शहद, शक्कर | पंचामृत |
| बेलपत्र | शिव प्रिय |
| सफेद फूल | शुद्धता का प्रतीक |
| चंदन, भस्म | शिव श्रृंगार |
| धूप, दीप, कपूर | आरती के लिए |
| फल, मिठाई, नारियल | नैवेद्य |
| रुद्राक्ष माला | जप के लिए |
| लाल/सफेद वस्त्र | पूजन के दौरान पहनने हेतु |
पूजा का संक्षिप्त क्रम:
- स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें।
- शिवलिंग या चित्र की स्थापना करें।
- जल और पंचामृत से अभिषेक करें।
- बेलपत्र, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य अर्पण करें।
- मंत्रों का जाप करें।
शिव पूजन के लाभ:
जीवन में संतुलन, शांति और शक्ति प्राप्त होती है।
नकारात्मकता का नाश होता है।
बुरी आदतें और शत्रु पर विजय मिलती है।
आयु, आरोग्य और आत्मिक विकास होता है।
मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
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