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लक्ष्मी नारायण पूजा (सत्यनारायण)

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लक्ष्मी नारायण पूजा (सत्यनारायण)

लक्ष्मी नारायण पूजा हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और फलदायक मानी जाती है। यह पूजा भगवान विष्णु (नारायण) और देवी लक्ष्मी की संयुक्त आराधना है, जो जीवन में धन, समृद्धि, सुख-शांति, वैवाहिक सुख और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करती है।

लक्ष्मी नारायण पूजा का महत्व

  • धन और समृद्धि की प्राप्ति – मां लक्ष्मी धन की देवी हैं, उनकी कृपा से दरिद्रता दूर होती है।

  • सुखी वैवाहिक जीवन – विष्णु-लक्ष्मी का पूजन दांपत्य जीवन को मधुर बनाता है।

  • कर्ज़ से मुक्ति – पूजा से आर्थिक संकट दूर होते हैं।

  • धार्मिक पुण्य – यह पूजा मोक्ष प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त करती है।

  • व्यापार में वृद्धि – व्यापार और नौकरी में तरक्की मिलती है।

लक्ष्मी नारायण पूजा

पूजा की विधि

1. स्नान और शुद्धता:

  • प्रातः स्नान करके साफ वस्त्र पहनें।

  • पूजा स्थान की सफाई करें।

2. स्थान और मूर्ति/चित्र स्थापना:

  • लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं।

  • विष्णु-लक्ष्मी जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।

  • दीपक जलाएं।

3. संकल्प करें:

  • जल, फूल और अक्षत हाथ में लेकर संकल्प लें कि आप श्रद्धा से पूजा कर रहे हैं।

4. पूजन क्रम:

  • गणेश पूजन (सर्वप्रथम)।

  • कलश स्थापना – नारियल, आम के पत्ते और जल से।

  • लक्ष्मी जी को श्रृंगार सामग्री अर्पित करें: चूड़ी, बिंदी, काजल, सिंदूर आदि।

  • नारायण जी को चंदन, तुलसी पत्र, पीला वस्त्र आदि अर्पित करें।

लक्ष्मी नारायण पूजा

कब करें लक्ष्मी नारायण पूजा?

  • शुक्रवार (लक्ष्मी जी का विशेष दिन)

  • एकादशी, पूर्णिमा, दीवाली, शरद पूर्णिमा के दिन

  • किसी शुभ कार्य से पूर्व या कर्ज़ मुक्ति के लिए भी

विशेष सुझाव:

  • पूजा करते समय श्रद्धा और ध्यान अत्यंत आवश्यक है।

  • व्रत या उपवास के साथ पूजा करने से अधिक फल मिलता है।

  • पूजा के अंत में आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

पूजा सामग्री सूची:

सामग्रीउपयोग
दीपक, घी या तेलदीप प्रज्वलन के लिए
धूप, अगरबत्तीवातावरण को पवित्र करने के लिए
पुष्पअर्पण हेतु
चंदन, रोली, अक्षततिलक और पूजन के लिए
नारियल, सुपारीमंगल सामग्री
पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)अभिषेक हेतु
तुलसी पत्रविष्णु जी को अर्पित करने हेतु
मिठाई, फल, मखाना, खील-बताशेभोग
जल से भरा कलशकलश स्थापना के लिए

लक्ष्मी नारायण पूजा मंत्र

देवी लक्ष्मी मंत्र:

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः॥

भगवान विष्णु मंत्र:

ॐ नमो नारायणाय॥

लक्ष्मी जी की आरती:

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन ध्यावत, हर विष्णु विधाता॥

नारायण जी की आरती:

ॐ जय जगदीश हरे, भक्त जनों के संकट क्षण में दूर करे॥

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